Pradosh Vrat प्रत्येक महीने की कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी के व्रत को प्रदोष व्रत कहा जाता है. सूर्यास्त होने के बाद और रात्रि शुरू से पहले का समय प्रदोष काल कहलाता है. अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त का समय भी अलग-अलग होता है, इसीलिए प्रदोष काल दो अलग-अलग शहरों के लिए अलग हो सकते हैं. --------------------------------------------------
बेहद शुभ होता है शमी का पौधा, घर में शमी का पौधा रखने से दरिद्रता दूर होगी , यहां जानें कहां और कैसे घर में शमी का पौधा लगाएं – संपूर्ण जानकारी | हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे की तरह ही शमी के पौधे को भी बेहद शुभ माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों और सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार तुलसी के पौधे में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है. इसी कारण से तुलसी के पौधे को पूजनीय माना गया है. लेकिन हमारे धर्म शास्त्रों में शमी के पौधे को भी बहुत खास माना गया है. इस पौधे का पूजन करने से शनिदोष का प्रभाव तो कम होता ही है. इसके साथ ही इस पौधे को घर में रखने से दरिद्रता का नाश होता है. शमी का पौधा पूज्यनीय होने के कारण बहुत से लोग इसको अपने घरों में गमले में लगाने लगे हैं. इसलिए यह जानना आवश्यक है कि शमी के पौधे का धार्मिक महत्व क्या है? और इस पौधे को घर में लगाने की सही दिशा क्या है? इसके साथ ही घर में शमी का पौधा किस तरह उगाया जाता है? इन सवालों के बारे में पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने विस्तार से बताया है. शमी के पौधे का महत्त्व सनातन धर्म की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शमी का पौध...